हाय रे हमारा समाज

सिकन्दर कुमार मेहता
किसी रोग के उपचार के लिए अगर झाड़-फूक करते हो तो ठीक है, पर उन्हें डाक्टर के पास क्यों ले जाते हो ।इससे तुम कैसे जान पाओगे की इसका उपचार किससे हुआ ।
हाय_ये_कैसा_है_हमारा_समाज

आज २१वीं सदी में भी हमारे समाज में अगर सबेरे किसी छोटे जात का दर्शन हो जाए तो दिन बुरा होने का डर लगा रहता है ।
क्यों भाई अगर उनका दिन खराब हुआ तो …. ?
हाय_ये_कैसा_है_हमारा_समाज

अगर किसी बच्चे की मृत्यु अपनी माँ के कोख (गर्भ) में हो जाए तो माँ को डायन तक सिद्ध कर दिया जाता है,उनपर अपनी सिद्धि के लिए अपने बच्चे की आहुति का आरोप लगाया जाता है ॥
हाय_ये_कैसा_है_हमारा_समाज

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डायन (माडल)

हमारे भारतीय समाज में अधिकांश मानसिक बीमारी को किसी बुरी नजर का साया बताया जाता है ,और फिर एक जंग शुरु हो जाती है  रोगी के परिजन और आस-पड़ोस के कथित डायन के बीच ।
हाय_ये_कैसा_है_हमारा_समाज

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